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पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन

 नीचे RBSE / CBSE Class 12 – Political S 🟩 Chapter: पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन 🟦 Environment and Natural Resources 🔷 1. पर्यावरण का अर्थ (Meaning of Environment) पर्यावरण वह समग्र प्राकृतिक व मानव निर्मित परिवेश है जिसमें जीव-जंतु, मानव, पौधे, जल, वायु, मिट्टी, जैव एवं अजैविक तत्व सम्मिलित होते हैं। यह जीवन को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है। English: Environment refers to the total surroundings—natural and man-made—including living organisms, plants, animals, water, air, soil, and abiotic components. It influences life directly and indirectly. 🔷 2. पर्यावरणीय संकट (Environmental Crisis) 20वीं शताब्दी के अंत तक विश्व कई पर्यावरणीय संकटों से जूझने लगा, जैसे— जलवायु परिवर्तन ओज़ोन परत का क्षय वनों की कटाई प्रदूषण प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन English: By the late 20th century, the world started facing major environmental crises such as: Climate change Ozone depletion Deforestation Pollution Overexploitation of natural resources 🔷 3. वैश्विक पर्यावरणीय राजन...

समकालीन विश्व में सुरक्षा

🌍 समकालीन विश्व में सुरक्षा (Security in the Contemporary World) In Hindi and English (द्विभाषी नोट्स) --- 🔶 परिचय (Introduction) 🟢 Hindi: सुरक्षा (Security) का अर्थ केवल युद्ध या सैन्य सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक, आर्थिक, पर्यावरणीय और मानवीय पहलुओं को भी शामिल करती है। शीत युद्ध के बाद विश्व में सुरक्षा की अवधारणा बदल गई है — अब सुरक्षा का मतलब केवल राज्य की सीमाओं की रक्षा नहीं, बल्कि मानव कल्याण की सुरक्षा भी है। 🔵 English: Security is not limited only to military or defense aspects. It includes political, economic, environmental, and human dimensions as well. After the Cold War, the concept of security changed — it now includes not just protection of borders but also protection of human welfare and development. --- 🔶 सुरक्षा की परिभाषा (Definition of Security) 🟢 Hindi: सुरक्षा का तात्पर्य उस स्थिति से है जिसमें किसी राष्ट्र या व्यक्ति को किसी प्रकार के आंतरिक या बाहरी खतरे से मुक्त रखा जाता है। 🔵 English: Security refers to a condition in which a nation or i...

लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट

लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट (Crisis of Democratic Order)  1. पृष्ठभूमि (Background): भारत की स्वतंत्रता के बाद 1950 में संविधान लागू हुआ और एक लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित हुई। 1947 से 1966 तक भारत में राजनीतिक स्थिरता रही और कांग्रेस पार्टी का वर्चस्व बना रहा। परंतु 1970 के दशक में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियाँ बदलने लगीं — जिससे भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को गंभीर संकट का सामना करना पड़ा। ⚖️ 2. संकट का प्रारंभ (Beginning of the Crisis): लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट मुख्य रूप से 1975 से 1977 के बीच उभरा। यह समय भारतीय राजनीति में आपातकाल (Emergency) का काल था। आपातकाल के दौरान भारतीय लोकतंत्र की बुनियादी संस्थाओं – जैसे संसद, न्यायपालिका और प्रेस – पर गंभीर प्रभाव पड़ा। --- 👩‍⚖️ 3. संकट के प्रमुख कारण (Main Causes of the Crisis): क्रम कारण विवरण 1. राजनीतिक अस्थिरता कांग्रेस के अंदर विभाजन (1969) के बाद सरकार कमजोर हुई। 2. आर्थिक कठिनाइयाँ 1970 के दशक में बेरोज़गारी, महँगाई और खाद्यान्न संकट बढ़ा। 3. सामाजिक आंदोलन विद्यार्थियों, कर्मचारियों और किसानों के आंदोलन ने ...

Xll संयुक्त राष्ट्र संघ की प्रक्रिया और ढांचे में सुधार

 संयुक्त राष्ट्र संघ  की प्रक्रिया और ढांचे में सुधार (Reforming the UNO after the Cold War)   🔹 परिचय (Introduction) संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations – UN) की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विश्व में शांति, सुरक्षा और सहयोग बनाए रखने के उद्देश्य से की गई थी। शीत युद्ध की समाप्ति (1991) के बाद विश्व की राजनीतिक स्थिति में बड़े परिवर्तन आए। इन परिवर्तनों ने संयुक्त राष्ट्र संघ के संरचना (Structure) और कार्यप्रणाली (Functioning) में सुधार की आवश्यकता को जन्म दिया। 🔹 शीत युद्ध के बाद की परिस्थितियाँ (Situation after the Cold War) 1. दो ध्रुवीय विश्व व्यवस्था (USA बनाम USSR) का अंत हो गया। 2. अमेरिका एकमात्र महाशक्ति (Super Power) बनकर उभरा। 3. अनेक नए स्वतंत्र राष्ट्र अस्तित्व में आए। 4. अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, गरीबी, मानवाधिकार हनन जैसी नई चुनौतियाँ सामने आईं। 5. अब शांति बनाए रखना केवल सैनिक संघर्ष रोकने तक सीमित नहीं रहा बल्कि मानवीय सुरक्षा (Human Security) का प्रश्न भी जुड़ गया। 🔹 संयुक्त राष्ट्र की संरचना (Structure of the U...

Xll संयुक्त राष्ट्र संघ के अंग

संयुक्त राष्ट्र संघ के अंग (Organs of the United Nations Organisation) संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को हुई थी। इसका उद्देश्य विश्व में शांति, सुरक्षा, सहयोग और विकास को बढ़ावा देना है। संविधान (Charter) के अनुसार UNO के 6 प्रमुख अंग (Main Organs) हैं —  1. सामान्य सभा (General Assembly)  परिचय: यह संयुक्त राष्ट्र का मुख्य विचार-विमर्श करने वाला अंग है। सभी सदस्य देश इसके सदस्य होते हैं।  संरचना: कुल 193 सदस्य देश। प्रत्येक देश को एक वोट का अधिकार है।  कार्य: UNO का बजट स्वीकृत करना। नए सदस्य देशों की सिफारिश या निलंबन। विश्व शांति, विकास और मानवाधिकार से संबंधित विषयों पर चर्चा करना। अन्य अंगों को सुझाव देना। 2. सुरक्षा परिषद (Security Council) परिचय: यह UNO का सबसे शक्तिशाली अंग है जो विश्व शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है। संरचना: कुल 15 सदस्य देश – 5 स्थायी सदस्य (Permanent Members): 🇺🇸 अमेरिका, 🇷🇺 रूस, 🇨🇳 चीन, 🇫🇷 फ्रांस, 🇬🇧 ब्रिटेन 10 अस्थायी सदस्य (Non-Permanent Members): 2 वर्ष के लिए चुने जाते हैं।  कार्य: युद्ध औ...

Test question paper

 कक्षा 12 राजनीति विज्ञान  पाठ का नाम सत्ता के समकालीन केंद्र  प्रश्नपत्र भाग–A: बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) (प्रत्येक प्रश्न 1 अंक = 6 अंक) 1. “सत्ता के समकालीन केंद्र” विषय किस पुस्तक का अध्याय है? a) स्वातंत्र भारत में राजनीति b) समकालीन विश्व राजनीति c) भारतीय राजनीति के नए बदलाव d) राजनीति विज्ञान: सिद्धांत और व्यवहार 2. शीत युद्ध के बाद विश्व राजनीति में किसने अमेरिकी प्रभुत्व को सीमित किया है? a) संयुक्त राष्ट्र संघ b) संयुक्त राज्य अमेरिका c) यूरोपीय संघ d) नाटो 3. यूरोपीय संघ की स्थापना किस संधि द्वारा हुई थी? a) वेस्टफेलिया संधि b) मास्ट्रिच संधि c) पेरिस संधि d) एनएसडीसी संधि 4. ASEAN का पूरा नाम क्या है? a) Association of South East Asian Nations b) Association of Southeastern American Nations c) Association of Strategic Economic Alliances d) Asia South Eastern Association Network 5. “खुले द्वार की नीति” (Open Door Policy) किस देश के आर्थिक सुधारों में शामिल है? a) भारत b) चीन c) जापान d) दक्षिण कोरिया 6. निम्नलिखित में से कौन-सा एक ‘अभिनव शांति (peace)’/क्षेत्री...

XII यूरोपीय संघ European Union!

यूरोपीय संघ (European Union – EU) :  परिचय यूरोपीय संघ दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक और आर्थिक संगठन है। यह 27 यूरोपीय देशों का समूह है (2020 में ब्रिटेन के निकलने के बाद)। इसका मुख्य उद्देश्य है – आर्थिक सहयोग, राजनीतिक एकता, शांति बनाए रखना और वैश्विक स्तर पर यूरोप की भूमिका को मजबूत करना। गठन और विकास 1. 1951 – यूरोपीय कोयला और इस्पात समुदाय (ECSC) छह देशों (फ्रांस, जर्मनी, इटली, बेल्जियम, नीदरलैंड, लक्ज़मबर्ग) ने मिलकर बनाया। 2. 1957 – रोम संधि (Treaty of Rome) यूरोपीय आर्थिक समुदाय (EEC) की स्थापना। व्यापार और आर्थिक सहयोग पर बल। 3. 1993 – मास्ट्रिख़ संधि (Maastricht Treaty) “यूरोपीय संघ” नाम की आधिकारिक स्थापना। इसमें राजनीतिक और मौद्रिक (Monetary) एकता जोड़ी गई। 4. 2002 – यूरो मुद्रा का प्रचलन 27 में से 19 देशों ने “यूरो (€)” को अपनी आधिकारिक मुद्रा बनाया। संरचना और संस्थाएँ यूरोपीय संघ की मुख्य संस्थाएँ – 1. यूरोपीय परिषद (European Council) – नीतियाँ तय करती है। 2. यूरोपीय संसद (European Parliament) – कानून बनाती है और बजट तय करती है। 3. यूरोपीय आयोग (European Commission) – ...